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प्यासी विधवा माँ की चुदाई

दिनेश

में दिनेश सबसे पहले सभी choot वालियों और land वालों को Thanks देता हूँ। में fir से आप लोगों के पास अपनी एक सच्ची कहानी पेश कर रहा हूँ mujhe आशा है कि meri पिछली कहानियों की तरह यह कहानी भी आप लोगों को बहुत पसंद आएगी। अब में आपको ज्यादा बोर ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। एक बार मेरा तबादला 6 महीनों के लिए हरियाणा स्टेट के रोहतक शहर में हुआ था। fir में वहाँ अपने एक हरियाणी दोस्त के गाँव में रूका। मेरे दोस्त के घर में उसकी 42 वर्षीय माँ रहती थी वो विधवा थी और एक प्राइवेट स्कूल में टीचर थी इतनी उम्र में भी उसका शरीर मोटा था हमेशा उसके चेहरे पर कामुकता झलकती रहती थी। मैंने कई बार उन्हें छुप- छुपकर अपनी choot में उंगली डालकर चोदते हुए देखा था।

अब में समझ गया था कि वो काफ़ी Sexी महिला है लेकिन संकोच के कारण meri कुछ करने की हिम्मत नहीं हो रही थी। में अक्सर खाली समय में टी.वी देखकर या नॉवेल पढ़कर टाईम पास करता था शनिवार और रविवार को मेरे दफ़्तर की छुट्टी होती थी में मेरे दोस्त की माँ को माँ कहकर ही पुकारता था। उस दिन शनिवार था और में अपने कमरे में बैठकर किताब पढ़ रहा था कि तभी अचानक से कुछ गिरने की आवाज आई। तो तब मैंने जाकर देखा कि माँ के हाथ से तेल का डिब्बा गिर पड़ा था। तो तब मैंने पूछा कि क्या हुआ माँ? तो तब वो बोली कि कुछ नहीं दिनेश तेल का डिब्बा उतार रही थी कि हाथ से फिसल गया। अब थोड़ा तेल उनके सीने और जमीन पर गिरा था और fir जब वो बैठकर जमीन पर गिरा तेल साफ करने लगी। तो तब मैंने कहा कि लाओ में कर देता हूँ। तब वो बोली कि नहीं में कर लूँगी।

fir जब वो बैठकर तेल साफ करने लगी तब मैंने देखा कि उनके बड़े गले वाले ओपन ब्लाउज में से उनकी boobs का उभार दिख रहा था और उनकी चूचीयाँ घुटनों से दबकर बाहर आने की कोशिश कर रही थी। अब में उनकी मोटी-मोटी boobs को देखकर पागल सा हो गया था। माँ की हाईट 5 फुट 6 inch थी उनके बूब्स का साईज तो 38 था और उनके chootड़ का साईज तो आप अपने आप सोच सकते है माँ एकदम हेल्थी थी। उस दिन से में माँ को अजीब निगाहों से उनकी boobs को देखता था और सोचता था कभी मौका मिला तो जमकर उनकी boobs को मसलूँगा माँ भी हमेंशा हंस-हंसकर बातें करती थी। fir थोड़ी देर के बाद माँ बाथरूम में कपड़े धोने लगी तो तब इतने में माँ ने आवाज़ लगाई।

fir तब में उठकर गया। तब वो बोली कि जाकर सर्फ़ का पैकेट बाज़ार से ला दो और fir में बाज़ार जाने लगा। तब बीच रास्ते में mujhe ध्यान आया कि में मेरे पर्स को घर में ही भूल गया हूँ तो तब में घर के लिए वापस मुड़ा और घर पहुँचकर डोरबेल बजाई लेकिन कुछ रेस्पॉन्स नहीं मिला। तो तब मैंने सोचा कि शायद माँ बिज़ी होगी तो तब मैंने अपनी चाबी से दरवाजा खोला। fir जैसे ही मैंने दरवाजा खोला तो तब मैंने देखा कि माँ बाथरूम में नहा रही है। fir मैंने आवाज देकर पूछा कि माँ मेरा पर्स कहाँ रखा है? तो तब वो बोली कि अलमारी से ले लो। तब मैंने कहा कि ठीक है और बाथरूम के पास गया और fir जो मैंने देखा देखता ही रह गया था। अब माँ के शरीर पर केवल ब्लाउज और ब्रा ही थी और साड़ी और पेटीकोट एक तरफ उतरे पड़े थे। अब माँ अपनी choot पर मालिश कर रही थी क्योंकि उन्होंने अभी-अभी अपने बाल साफ किए थे। यह देखकर मेरा मोटा और लम्बा land टाईट होने लगा था और meri पेंट से बाहर आने की कोशिश करने लगा था। तब में वहाँ से चला गया क्योंकि अब मेरे दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था।

fir जब में सर्फ़ का पैकेट लेकर घर पहुँचा तो तब में तुरंत बाथरूम में पेशाब करने चला गया। अब जब में पेशाब कर रहा था तो तब mujhe रह-रहकर वो सीन याद आ रहे थे और में पागल हो रहा था। fir जब में पेशाब करके बाहर आकर उनके कमरे में गया। तब माँ बोली कि क्या बात है? तुम बहुत परेशान नजर आ रहे हो। तब मैंने कहा कि कुछ नहीं बस सिर में हल्का दर्द हो रहा है वैसे में माँ को कैसे बताता कि क्या बात है? तो तब माँ बोली कि चल तेरे सिर में तेल लगा देती हूँ। तो तब मैंने कहा कि ठीक है और fir में जाकर उनके पास में बैठ गया और वो मेरे सिर में तेल लगाकर मालिश करने लगी थी। fir मालिश करते-करते वो बोली कि दिनेश बेटा आज मेरा पैर भी काफ़ी दुख रहा है। तब मैंने कहा कि ठीक है माँ में आपके पैरों पर सरसों के तेल से मालिश कर दूँगा। तब वो बोली कि नहीं में खुद ही लगा लूंगी।

अब उनका हाथ मेरे सिर की बड़े प्यार से मालिश कर रहा था कि तभी अचानक से वो कुछ लेने के लिए झुकी तो तब उनकी चूचीयाँ मेरे मुँह से टच हो गयी थी। अब माँ को महसूस हो चुका था कि उनकी चूचीयाँ मेरे मुँह पर टच हुई थी लेकिन वो कुछ नहीं बोली और केवल mujhe देखकर मुस्कुरा दी थी। fir हम लोग टी.वी पर पिक्चर देखने लगे। अब टीवी पर इंग्लिश में Sexी पिक्चर लगी थी। अब Sexी सीन देखकर माँ भी गर्म हो गयी थी क्योंकि उन्होने अभी-अभी अपने झांटे साफ की थी। तभी वो बोली कि दिनेश क्या तुम्हारे कोई गर्लफ्रेंड है? जिसे तुम बहुत चाहते हो या प्यार करते हो। तो तब में शर्माकर बोला कि meri कोई गर्लफ्रेंड नहीं है और mujhe तो तुम सबसे सुंदर लगती हो में चाहता हूँ कि meri होने वाली बीवी भी आप जैसी ही सुंदर दिखने वाली महिला हो। तब माँ बोली कि धत पागल जैसी बात क्यों करता है? तो तब मैंने कहा कि नहीं माँ में सच कह रहा हूँ।

अब mujhe माँ के चहरे पर वासना नजर आने लगी थी। अब में समझ गया था कि वो गर्म होने लगी है और बोली कि तुझे मुझमें क्या अच्छा लगता है? तो तब मैंने कहा कि आपकी आँखे और हंसने का अंदाज mujhe काफ़ी आकर्षित करता है। तब वो बोली कि सही बता झूठ क्यों बोलता है? तो तब मैंने कहा कि आप इस उम्र में भी काफ़ी आकर्षित लगती हो और साफ सफाई का भी खूब ख्याल रखती हो। तब माँ बोली कि आँखें और हंसने का अंदाज तो meri समझ में आया लेकिन साफ सफाई की बात समझ में नहीं आ रही है। तब मैंने कहा कि आप ना तो ज़्यादा मेकअप करती है fir भी साफ सफाई का इतना ध्यान रखती हो जो mujhe बहुत अच्छा लगता है। तो तब माँ हंसते हुए बोली कि इसका मतलब तू mujhe हमेशा देखता रहता है कि में क्या कर रही हूँ? तो तब मैंने देखा कि उसकी आँखे वासना से भर चुकी थी और चेहरा सुर्ख हो चुका था। fir तब मैंने कहा कि माँ जब मैंने आपको देख ही लिया तो अब किस बात की शर्म? fir वो चुप हो गयी।

fir तब मैंने कहा कि आप अपने बालों का खूब ध्यान रखती हो? आज जब में अपना पर्स भूल गया था तो तब मैंने आपको चोरी छुपे बाथरूम में देखा था लेकिन आपने कमर के ऊपर कपड़े पहने थे इसलिए mujhe आपका ऊपर का भाग नहीं दिखा। तब वो थोड़ी शर्माते हुए उठने लगी। तब मैंने उनका हाथ पकड़ते हुए बिस्तर पर लेटा दिया और उनके पास बैठ गया। तब वो बोली कि तुझे पता है कि तू क्या कर रहा है? तो तब मैंने कहा कि mujhe बस आप अपना शरीर एक बार fir से दिखा दो fir कभी कुछ नहीं करूँगा। तो तब वो नाRajगी दिखाने लगी और fir कुछ देर चुप रहकर बोली कि देखो दिनेश में जैसा कहूँगी वैसा ही तू करेगा। तो तब में बोला कि ठीक है। fir उन्होंने कहा कि जब तक में ना कहूँ तू mujhe कहीं हाथ नहीं लगाएगा। तब में बोला कि ठीक है। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

fir उन्होंने मुझसे कहा कि तू अब मेरा पेटीकोट उतार दे। तभी मैंने सोचा कि शायद आज सारा काम mujhe ही करना पड़ेगा और fir मैंने उनके पेटीकोट का नाड़ा खींचकर उनका पेटीकोट उतार दिया। fir उसके बाद मैंने जैसे ही उनका ब्लाउज उतारा तो उनके बूब्स बाहर आने के लिए तड़प रहे थे। तब माँ बोली कि चल अब meri ब्रा भी उतार दे। तब मैंने जैसी ही उनकी ब्रा उतारी तो उनकी चूचीयाँ उनकी सांसो के साथ ऊपर नीचे हो रही थी। यह देखकर में तो पागल हो गया और अब में उनकी boobs को अपनी हथेली से दबाने लगा था। तभी माँ नाRaj हो गयी और उठने लगी लेकिन मेरे वजन और दबाने के एहसास से वो उठ नहीं पाई और दुबारा बिस्तर पर गिर गयी थी। अब उन्हें मज़ा आने लगा था तो पहले तो में दबाता ही रहा और fir थोड़ी देर के बाद meri हिम्मत बढ़ी तो तब मैंने उनकी boobs के निप्पल को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगा था। अब उन्हें मज़ा आने लगा था। अब में भी जोश में आकर अपने एक हाथ से उनकी choot को रगड़ने और सहलाने लगा था। अब वो ज़ोर-ज़ोर से आहें भरने लगी थी अब उनकी आँखे बंद थी।

fir तब मैंने कहा कि mujhe कुछ और चाहिए। तब वो बोली कि अब तो सब दे दिया है अब क्या चाहिए? शायद वो सब कुछ मेरे मुँह से कहलवाना चाहती थी। तब मैंने कहा कि जिसके आपने बाल साफ किए है। तब वो बोली कि अब सब तेरा है जो चाहिए वो ले ले सब तो तुने देख लिया और छू लिया है। अब में समझ गया था कि वो भी Sex के लिए तैयार होकर आई थी। तब पहले तो में उनकी choot में काफ़ी देर तक अपनी जीभ डालकर काफ़ी देर तक चूसता रहा। अब वो भी मेरे कपड़े उतारकर खड़ी होकर अपने घुटनों के बल बैठ गयी थी और मेरे land को अपने हाथों में लेकर चूसने लगी थी। अब में उनका सिर पकड़कर उनकी मुख चुदाई करने लगा था और साथ ही साथ उनकी boobs से खेलने लगा था। अब उनको भी मस्ती चढ़ने लगी थी। fir वो बोली कि दिनेश तेरा land तो काफ़ी मोटा और लंबा है इस land से चुदाने में mujhe और meri choot को काफ़ी मज़ा आएगा। अब वो मेरे land को चूस भी रही थी और बैठकर अपनी choot के दाने को सहला भी रही थी।

अब वो इतनी गर्म हो गयी थी कि तभी वो आहें भरते हुए बोली कि दिनेश अब आ भी जा अब mujhe और meri choot तो मत तड़पा जल्दी से मेरे ऊपर आजा। fir मैंने माँ को लेटाकर उनकी दोनों टाँगों को फैलाते हुए उनकी जांघो को अपनी कमर की तरफ किया और उनकी दोनों टाँगों को अपने कंधो पर रख दिया और fir अपना land उनकी choot के पास ले गया और पूरी ताकत से एक जोर का धक्का दिया। तब मेरा आधा land उनकी choot में समा गया। अब mujhe मेरे land पर उनकी कसी-कसी गर्म choot की दीवारों का स्पर्श होने लगा था। तब वो बोली कि उफ़फ्फ दिनेश कई yearों के बाद इस choot ने land खाया है वो भी लम्बा और मोटा तो थोड़ा दर्द हो रहा है जरा धीरे-धीरे डालो Rajा। तब मैंने एक और ज़ोरदार धक्का लगाया तो तब मेरा पूरा land अंदर चला गया था।

fir मैंने अपने land को धीरे-धीरे अंदर बाहर करना शुरू किया। अब माँ तो पूरी मस्ती में आ चुकी थी और मज़ा ले रही थी। तब माँ बोली कि दिनेश जरा ज़ोर-ज़ोर से अपनी गांड उठा-उठाकर चोदो mujhe मेरे chootड़ पर ज़ोर-जोर से मार बहुत मज़ा आता है उसकी आवाज mujhe अच्छी लगती है। अब पूरे कमरे में पच-पच की आवाज़े गूंजने लगी थी और इस आवाज को सुनकर में भी ज़ोर-जोर से अपने land को उनकी choot में अंदर बाहर करने लगा था। तब वो भी जोश में आकर बोली कि दिनेश मज़ा आ गया आज बहुत दिनों के बाद जवानी का मज़ा पाया है कसम से आज तुने mujhe अपनी जवानी के दिन याद दिला दिए हाईईईईई हाईईईईईई इसस्स्स्स्सस्स। तब में भी बहुत जोश के साथ चुदाई करते हुए बोला कि आज तेरी choot की धज्जियाँ उड़ा दूँगा अब तू हर वक़्त मेरा ही land अपनी choot में डलवाने के लिए तड़पा करेगी। तब माँ बोली कि आआआआआहह हाईईईईईईई क्या मज़ा आ रहा है? खूब ज़ोर ज़ोर-जोर से चोदो mujhe। अब इसी दरमियाँ माँ 2 बार झड़ चुकी थी लेकिन में माँ को सूपर फास्ट एक्सप्रेस की तरह चोद रहा था।

अब वो आहें भरते हुए बोल रही थी अया गुड दिनेश मजा आ गया मममममममम आआअहह आहह उहह ममममम और fir करीब 20-25 मिनट के बाद मेरे land का पूरा वीर्य उनकी choot की गहराई में गिर गया और अब में एकदम से सुस्त हो गया था और अब मेरा land भी शांत हो गया था। fir माँ और में एक दूसरे के ऊपर लेट गये। fir कुछ देर के बाद मैंने अपना land उनकी choot में से बाहर निकाला। तो तब उनकी choot के किनारे से मेरा वीर्य बह-बहकर उनकी गांड की तरफ जा रहा था। तब उनकी choot से बहती वीर्य की धारा और गांड देखकर मेरा मन उनकी गांड मारने को हुआ लेकिन एक बार झड़ने से मेरा land पूरी तरह से गांड मारने के मूड में नहीं था। तब मैंने उनकी choot और अपने land को कपड़े से साफ करके अपना land fir से उनके मुँह में दे दिया और fir जब मेरा land पूरी तरह से तनकर खड़ा हो गया तो तब में माँ से बोला कि माँ आपके मोटे मोटे chootड़ देखकर meri बड़ी इच्छा हो रही है कि एक बार आपकी गांड मारूं अगर तुमको बुरा ना लगे तो क्या में आपकी गांड मार लूँ? तो तब माँ बोली कि दिनेश सारा काम क्या एक ही दिन में पूरा करोगे? रात के लिए कुछ भी नहीं रखोगे fir भी तेरी बड़ी ही इच्छा है तो चल मार ले गांड लेकिन आराम से मारना और fir माँ उल्टी होकर लेट गयी और अब उनके बड़े बड़े chootडों के बीच में उनकी गांड काफ़ी सुंदर लग रही थी।

fir उन्होंने अपने चुत्तडो को अपने दोनों हाथों से फैला लिया। fir में ढेर सारा थूक उनकी गांड के छेद पर लगाकर अपना land उनकी गांड में डालकर करीब आधे घंटे तक उनकी गांड मारता रहा। fir जब हमारी चुदाई लीला समाप्त हुई तो तब वो बड़ी खुश हुई। fir मैंने पूछा कि माँ मैंने अपना ढेर सारा वीर्य आपकी choot में डाल दिया है कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं होगी ना? तो तब वो बोली कि अरे पगले जब से तेरा दोस्त पैदा हुआ उसके तुरंत बाद मैंने ऑपरेशन करवा लिया था इसलिए कोई चिंता की बात नहीं है। fir में जितने दिन वहाँ रहा उनको जमकर चोदता रहा और fir हम दोनों ने खूब इन्जॉय किया ।।

Thanks

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